Ziyarat E Nahiya In Hindi ((hot)) Jun 2026
वैसे तो यह ज़ियारत कभी भी पढ़ी जा सकती है, लेकिन इसे 10 मुहर्रम (आशूरा) या अर्बईन के दिन पढ़ना सबसे उत्तम माना जाता है।
"अस्सलामु अला हुसैइन, व अला अली इब्निल हुसैइन, व अला औलादिल हुसैइन, व अला असहाबिल हुसैइन..."(अर्थ: सलाम हो हुसैन पर, सलाम हो अली इब्न हुसैन (अली अकबर) पर, सलाम हो हुसैन के बच्चों पर, और सलाम हो हुसैन के साथियों पर...)
ज़ियारत-ए-नहिया: कर्बला का दर्द और इमाम-ए-ज़माना (अ.त.फ़.श.) का विलाप प्रस्तावना ziyarat e nahiya in hindi
हालाँकि हर ज़ियारत और इबादत का फायदा अल्लाह की रेहमत और उसकी बख्शिश है, लेकिन खास तौर पर इस ज़ियारत के बारे में यह मान्यता है कि:
ज़ियारत-ए-नाहिया क्या है? (What is Ziyarat e Nahiya) व अला औलादिल हुसैइन
ज़ियारत-ए-नाहिया महज़ एक रस्म नहीं बल्कि कर्बला के मजलूमों के साथ अपनी वफ़ादारी और इमाम-ए-ज़माना (अ०स०) के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करने का जरिया है। इंटरनेट पर "ziyarat e nahiya in hindi" की खोज करने वाले पाठकों को इसके अर्थ और इसके पीछे की रूहानियत को गहराई से समझना चाहिए ताकि मुहर्रम और सफ़र के महीनों में उनका शोक और अधिक बा-मकसद (उद्देश्यपूर्ण) बन सके।
यह पंक्तियाँ इमाम महदी (अ.) की इमाम हुसैन (अ.) के प्रति असीम पीड़ा और प्रेम को दर्शाती हैं। ziyarat e nahiya in hindi
जिन्हें ज़ख्मों से निकलने वाले खून से ग़ुस्ल दिया गया।
(इस ज़ियारत का पूरा पाठ और ऑडियो कई विश्वसनीय इस्लामी वेबसाइटों और App Store पर उपलब्ध है, जहाँ आप हिंदी अनुवाद (जैसे Scribd पर उपलब्ध उर्द/हिंदी) देख सकते हैं।)
आज की नई पीढ़ी जो हिंदी या अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा प्राप्त कर रही है, उनके लिए अपनी धार्मिक विरासतों से जुड़ने का यह सबसे आसान माध्यम है।